मेरा नया एडिक्शन है ये सिरीज़।
तीसरा सीज़न कल ही ख़त्म किया और दुखी हूँ कि ख़त्म क्यों हो गया। ओटीटी का दौर नहीं आता तो हमें इतना बेहतरीन कंटैंट देखने को नहीं मिलता, और क्या कंटैंट बना रहे हैं लोग। हिन्दी में जो कचरा बन रहा है इनके मुक़ाबले, उसकी तो बात ही फिजूल है।
तेहरान एक इज़राइली वेब सिरीज़ है जिसकी कहानी कुछ यूँ है कि ईरान में गुपचुप परमाणु गतिविधियाँ चल रही हैं और इज़राइल उसे रोकना चाहता है। आज जो युद्ध चल रहा है, वो कोई अचानक ही नहीं छिड़ गया है, अंदरख़ाने बहुत कुछ चल रहा था बरसों से। ईरान परमाणु हथियार न बना पाये ये इज़राइल की हमेशा से कोशिश रही है। ये सिरीज़ भी कोई आज की नहीं है, इसका पहला सीज़न 2020 में आया था।
तो इज़राइल ईरान के एक परमाणु ठिकाने पर चुपचाप हमला करना चाहता है और इसके लिए मोसाद अपनी एजेंट “तमार” को वहाँ भेजता है। तमार जो ख़ुद भी एक हैकर है, ईरान के ही एक हैकर की मदद से ईरान के रडार hack कर लेती है, वही रडार जिनसे हमारे माननीय सिर्फ बादलों के सहारे ही बच निकले थे। तो ये जो ईरानी हैकर है ये मौजूदा सत्ता के खिलाफ़ जो लोग हैं, उनके साथ है। ईरान में लगभग तानाशाही है ये हम सिरीज़ में बिखरी बहुत सी घटनाओं में महसूस करते हैं। कई खतरों के बीच तमार किस तरह अपना काम करती है, इस दौरान वो किन लोगों और किन ख़तरों के संपर्क में आती है ये सब इतनी ख़ूबी से, और इतने दिलचस्प तरीके से दिखाया गया है कि कभी आप खुद मोसाद एजेंट बन जाते हैं तो कभी ईरानी सेपह बन जाते हैं। हालाँकि सिरीज़ थ्रिलर है पर इसमें हर एक पात्र की भावनात्मक यात्रा इतने बढ़िया तरीके से दिखाई गई है कि आप उनकी ज़िंदगी का भी हिस्सा बन जाते हैं। आपको ईरान की गलियों की महक आने लगती है, वहाँ के ख़तरे आप सूंघने लगते हैं, और दर्द को महसूस करने लगते हैं। तमार इस यात्रा में दिल जीत लेती है, फिलहाल मेरी favorite है वो।
सिरीज़ में एक किरदार है फ़राज़ कमाली जो ईरानी इंटेलिजेंस अफसर है। शुरुआत में हम उसे तमार के लिए सबसे बड़े ख़तरे के रूप में देखते हैं लेकिन कब वो तमार के साथ सेंटर स्टेज ले लेता है पता ही नहीं चलता। तमार का वो समानान्तर है और सबसे बड़ी ख़ूबी ये है कि सिरीज़ हमें ये नहीं कहती कि तमार सही है या फ़राज़, वो दोनों की ज़िंदगियाँ खोल कर रखती है और आप दोनों में से किसी को गलत या बुरा नहीं कह सकते। बस यहीं तो हम मात खाते हैं। हमारे यहाँ मानवीय नज़रिये से कुछ नहीं बनाया जाता। दो देश अगर दुश्मन हैं तो दोनों के लोग अपने-अपने देश को ही सपोर्ट करेंगे। पर हम काला-सफ़ेद दिखाते हैं, जबकि ऐसा कुछ होता नहीं है। फ़राज़ अपने वतन के लिए समर्पित है और तमार अपने। इस बीच ईरान में लोग हैं जो इस regime को बदलना चाहते हैं जिसने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। सिरीज़ उनका भी पक्ष निष्पक्ष रूप से रखती है। यही मानवीय ट्रीटमंट इन्हें पुरस्कार दिलवाता है। एक बार जब पूरा तेहरान बम के धमाके से बर्बाद होने वाला होता है तो शहर को बचाने के लिए तमार अपनी जान दांव पर लगा देती है। क्या हमारे यहाँ की कोई फिल्म ये दिखा सकती है कि पाकिस्तान के किसी शहर को बचाने के लिए हिंदुस्तानी एजेंट अपनी जान दांव पर लगा दे? यहाँ के जोम्बी खा जाएंगे।
थ्रिल का जहाँ तक सवाल है, मर्डर मिस्ट्री न होते हुए भी जिस स्तर का थ्रिल इन्हों ने बनाया है, वो बहुत ही आला दर्जे का लेखन माँगता है। अभिनय एक-एक कलाकार का क्या ही कमाल का है, आपको अगर बारीकी देखनी हो तो देखिये किस तरह सिर्फ आँखों में ज़रा सी हरकत से बात कह दी जाती है। कई जगह मैं क़ायल हो गया इस अभिनय का। कोई संवाद नहीं बोला गया है पर बात कह दी गई है, वो भी चेहरे की ज़रा सी हरकत से। फराज़ की कास्टिंग कमाल है। मुझे इसका टाइटल म्यूजिक भी जबर्दस्त लगा।
बाद में जब इसके बारे में पढ़ा तो पता चला कि ये पहली इज़राइली सिरीज़ है जिसे ग्रॅमी अवार्ड मिला है। पूरी तरह deserve करती है। सीज़न फोर की शूटिंग के दौरान इसके निर्माता इस साल फरवरी में अपने होटल में मृत पाये गए थे, पर सिरीज़ का काम चल रहा है। अब from के साथ=साथ इसके भी अगले सीज़न का इंतज़ार रहेगा।
तेहरान नाम से एक जॉन अब्राहम की फिल्म भी है, वो मत देख लीजिएगा। सिरीज़ आरिजिनल हिब्रू में बनाई गई है पर इंग्लिश dubbed है, हिन्दी में नहीं है बावजूद इसके कि यहाँ इज़राइल के ढेर सिपाही झाल मुड़ी खा रहे हैं।
सिरीज़ एपल टीवी पर है, और जिनके पास प्राइम विडियो है उन्हें बता दूँ कि एपल 7 दिन का फ्री ट्राइल दे रहा है प्राइम पर, इतने में आप ये सिरीज़ देख सकते हैं।
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