बेगम पारा - 50s की बोल्ड अभिनेत्री

 

बेगम पारा -

इस नाम को अब लगभग लोग भूल चुके हैं, क्योंकि उनके नाम कोई महान फ़िल्म नहीं है, न ही वे अपनी अच्छी दोस्त रहीं नर्गिस की तरह कोई महान अभिनेत्री थीं। पर एक रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज़ है, और वो है फ़िल्म उद्योग के पहले बोल्ड फ़ोटो शूट का। उन्होंने ज़्यादातर बी ग्रेड फ़िल्मों में बोल्ड किरदार ही किए थे, और अपनी इसी छवि के चलते ये फ़ोटो शूट करवाया था। इसमें वे खुलकर सिगरैट पीते, शराब का ग्लास हाथ में लिए नज़र आती हैं, जबकि उस समय के समाज में ये चीज़ें एक मर्द के लिए भी बुरी समझी जाती थीं। वे भी ये काम छुप कर किया करते थे।



उनका कहना था कि मैं खुलकर शराब का ग्लास हाथ में लेकर पीती थीं जब दूसरी अभिनेत्रियाँ कोला में शराब मिलाकर पीती थीं और अपने आप को टी-टोटलर कहती थीं।



बहरहाल ये फ़ोटो शूट उन्होंने फोटोग्राफर जेम्स बुरक़े के साथ "लाइफ मैगज़ीन" के लिए 1951 में किया था, आप समझ सकते हैं उस वक़्त इसे किस तरह लिया गया होगा।



उनकी पहली फ़िल्म उन्हें प्रभात स्टुडियो से ऑफर हुई थी, जिसका नाम था "चाँद (1944)"। इस फ़िल्म में सितारा देवी ने वैम्प का किरदार निभाया था और हीरो थे प्रेम अदीब। ये फ़िल्म हिट हुई और उन्हें और ऑफर मिलने लगे। दर्शकों में उनकी बोल्ड छवि बन चुकी थी और आगे उन्हें इसी छवि के अनुरूप रोल मिलते रहे, जिन्हें करने से उन्हें कोई गुरेज़ नहीं था, उनका कहना था कि मैं परदे पर अपने आप को ही जीती हूँ।



उन्होंने दिलीप कुमार के भाई नासिर खान से शादी की जिनसे उन्हें तीन सन्तानें हुईं, जिनमें से एक अभिनेता "अयूब ख़ान" हैं जिन्होंने 1992 में फ़िल्म "माशूक़" से अपना सफ़र शुरू किया था। अमृता सिंह से भी उनका रिश्ता है। अमृता सिंह की माँ रुखसार सुल्ताना, बेग़म पारा की बड़ी बहन ज़रीना हक़ की बेटी थीं।



1944 में शुरू हुआ उनका करियर 1958 में ख़त्म हो गया जब उनसे ज़्यादा बोल्ड लड़कियाँ आने लगीं। ऑफर कम होने पर उन्होंने ख़ुद ही फिल्मी दुनिया से किनारा कर लिया। 50 साल के अंतराल के बाद फ़िल्म "साँवरिया" में उन्होंने सोनम कपूर की दादी का किरदार निभाया था। उसी साल उनकी मृत्यु हो गई।





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