बागली टॉकीज - कुछ खूबसूरत कमेंट्स जो हमें मिले

 

Some of the wonderful comments we got on #BagliTalkies - 

1. Every budding film maker should definitely watch this film 

Because Bagli talkies teaches  how to shoot in limited resources and bring out a really interesting and touchy cinema 


Great work Aniruddh sir 

Looking forward to watch more films like Bagli talkies


2. आज तो... रुला ही दिया आपने ........ऐसा एकाध मर्तबा ही हुआ है मेरे साथ ...ऐसा लगा कि... फ़िल्म के सम्बन्धित चरित्र को जैसे स्वयं जिया हो मैने... ....दिल को गहराइयो तक छू लेने वाले सीन...... गज़ब रंगों ,रोशनी ,पार्श्व संगीत का प्रयोग ,डायलाग फ़िल्मान्कन सब कुछ बेमिसाल.... सच में... इतना जबर्दस्त काम सिर्फ़ फ़िल्मो और उससे जुड़ी सम्पूर्ण... इन्डस्ट्री (नख से शिख तक )....को हद दर्जे तक प्यार करने वाला ,भावनात्मक ,ज़ज़्बाती रूप से जुड़ा एक जुनूनी ही कर सकता था .....🎍🎍🎍🎍🎍.....बेशक.. मेरे द्वारा देखी गयी आज तक की सर्वश्रेष्ठ फ़िल्मो में एक .....और.. इस हेतु तहेदिल से आभार आपका ... ...सादर.. नमन ,वंदन ,शुभकामनाएं आप और आपकी बेहद खूबसूरत व प्रतिभावान टीम को.... 🙏🙏🙏🙏


3. बागली टाकीज चलचित्र आपका व्हाट्सप संदेश मिलने के बाद यूट्यूब पर पूरी फिल्म देखी हमें पता ही नहीं था कि बागली नगर की एक मात्र बागली टाकीज की कहानी के माध्यम से पूरे भारत देश में ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व में टाकीज सिनेमा व्यवसाय से जुड़े हुए लोगों की मार्मिकपीङा का बहुत ही जीवन्त चित्रण किया गया है। खेद है कि फिल्मजगत आपकी प्रतिभा योग्यता एवं कार्य क्षमता का समुचित मूल्यांकन नही कर पा रहा है! हार्दिक साधुवाद 

                  मुकुन्द मुनि जी


4. Wonderful movie. It brings out the tragic fading out of single screen cinemas from our life. What once used to be an integral part of our lives are now almost extinct. 


Aniruddha has given his best into this movie as a director... More is expected of him now. What is really impressive is that most of the actors are non-professionals from Bagli village. It takes a good director to bring an actor out of such people. The story too is very well written. The cinematography is nice. 


This movie is a beautiful tribute to the single screen cinemas who made Hindi cinema part of every Indian's life.


5. कागज के फूल की याद दिला दी 😥


6. Extremely heart touching story. Every single scene truly reflects the hard work, immense thought process and team work to bring it to reality. I still remember Aniruddha and I, along with our few childhood friends had watched "Tridev" in this Bagli talkies after our 5th standard exams. 

इसके अलावा जो सबसे बहुमूल्य प्रतिक्रिया मिली हैं वो ये है कि किसी ने कहा इसे देखकर गुरुदत्त की प्यासा याद आती है, कुछ लोगों ने "काग़ज़ के फूल" की याद ताज़ा की तो कुछ का कहना है कि ये राजकपूर का सिनेमा है। 

एक छोटे से काम के जरिये जब उन लोगों को याद किया जाये जो हिन्दी फिल्मों के इतिहास में शीर्ष पर विराजमान हैं और रहेंगे। उन जैसा सिनेमा शायद आज कोई नहीं बना रहा। मेरे लिए ये बहुत बहुत बड़ी बात है, मुझे संकोच भी होता है क्योंकि मुझे अपने कद का एहसास है पर एक संतोष भी मिलता है कि हमने बुरा काम नहीं किया। 

अंत में मुझे श्री जयप्रकाश चौकसे का आधे घंटे का वो उद्बोधन भी याद आता है जो उन्होने इस फिल्म को देखने के बाद दिया था और कहा था कि "ये फिल्म मेरे दिल के सबसे करीब है"। 

अपनी पुरानी पोस्ट जो मैंने कभी शेयर नहीं की, आज नज़र आई तो शेयर कर रहा हूं। फ़िल्म यूट्यूब पर और लिंक नीचे दी गई है। 🙏🙏

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https://youtu.be/eAuNv4xwGV8

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